CM साय का बड़ा खेल मिशन: रायपुर में 60 करोड़ की आर्चरी अकादमी, जशपुर के पंडरापाठ में 25 करोड़ तक का सेंटर; 40वें National Games के लिए भी तैयारी तेज

रायपुर, 12 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा रोडमैप तैयार किया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने साफ कहा है कि प्रदेश के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए संसाधनों और अवसरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। खेल अधोसंरचना के विस्तार से लेकर प्रतिभाओं की पहचान और आधुनिक प्रशिक्षण तक सरकार ने कई स्तरों पर काम तेज करने की बात कही है।
रायपुर के सिविल लाइन स्थित न्यू सर्किट हाउस में आयोजित छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ की एग्जीक्यूटिव बॉडी एवं जनरल काउंसिल मीटिंग में मुख्यमंत्री साय ने खेलों को लेकर सरकार की प्राथमिकताएं गिनाईं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के गांवों, वनांचलों और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ उन्हें सही समय पर पहचानकर बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं देने की है।
रायपुर में ₹60 करोड़ की आर्चरी अकादमी, जशपुर में भी बड़ा सेंटर
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है। रायपुर में लगभग ₹60 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक आर्चरी अकादमी तैयार की जा रही है।
इसके अलावा रायगढ़ और कुनकुरी में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का निर्माण भी किया जा रहा है।
जशपुर के पंडरापाठ में लगभग ₹20 से ₹25 करोड़ की लागत से आर्चरी अकादमी स्थापित की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर और आसपास के वनांचल में तीरंदाजी की नैसर्गिक प्रतिभा मौजूद है। आधुनिक प्रशिक्षण और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलने से यहां के खिलाड़ी बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंच सकते हैं।
वनांचल की प्रतिभाओं पर CM का खास फोकस
मुख्यमंत्री साय ने जशपुर की तीरंदाजी परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय में तीरंदाजी जीवन और परंपरा से जुड़ी रही है। सरकार की कोशिश है कि पारंपरिक प्रतिभा को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण के साथ जोड़ा जाए।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ी चाहे बड़े शहर से हो या किसी दूरस्थ गांव और वनांचल से, उसे आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए।
खेल संघों को उद्योगों से जोड़ने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न खेल संघों को उद्योग समूहों से जोड़ने की पहल में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई बड़े उद्योग समूह काम कर रहे हैं। यदि उद्योग जगत विभिन्न खेलों और खेल संघों के साथ मिलकर काम करे तो खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण, प्रतियोगिताओं और खेल अधोसंरचना के विकास में अतिरिक्त संसाधन जुटाए जा सकते हैं।
CM साय ने कहा कि केंद्रीय राज्य मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने उद्योग और खेल गतिविधियों के बीच बेहतर समन्वय के सकारात्मक परिणाम देखे हैं। इसी मॉडल को छत्तीसगढ़ में भी आगे बढ़ाने की जरूरत है।
CM Secretariat के वरिष्ठ अधिकारी को मिलेगी खास जिम्मेदारी
खेल संघों और शासन के बीच समन्वय बेहतर करने के लिए मुख्यमंत्री सचिवालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के साथ समन्वय की विशेष जिम्मेदारी दी जाएगी।
इसका उद्देश्य खेल संघों की समस्याओं, प्रस्तावों और आवश्यकताओं को शासन स्तर पर तेजी से आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों से जुड़े विषयों का समयबद्ध समाधान और खिलाड़ियों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के लिए शासन और खेल संगठनों के बीच लगातार संवाद जरूरी है।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक से निकलेंगी नई प्रतिभाएं
मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और सरगुजा ओलंपिक को दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच बताया।
उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक ने हजारों युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया है और राज्य सरकार इसका आयोजन हर साल करेगी। सरगुजा ओलंपिक के जरिए भी स्थानीय प्रतिभाओं को सामने आने का मौका मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति, विकास और विश्वास के नए वातावरण के बीच खेलों को नई गति देने का समय है। खेल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बन सकते हैं।
‘खेल उत्कर्ष मिशन’ से प्रतिभाओं की होगी पहचान
प्रदेश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए खेल उत्कर्ष मिशन पर भी जोर दिया जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण, आवश्यक सुविधाएं और प्रतियोगिताओं के अनुरूप तैयारी उपलब्ध कराना है। लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन करें।
खेल अलंकरण की वापसी से खिलाड़ियों का बढ़ा उत्साह
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत की गई है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित करने के साथ उन्हें आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने और शासकीय सेवा में अवसर देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सकारात्मक माहौल बना है और खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ा है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी भावना के साथ प्रदेश की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रही है।
40वें National Games पर भी CM का बड़ा फोकस
बैठक में 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को दिलाने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में खेल अधोसंरचना का विस्तार हो रहा है और अब बड़े राष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की दिशा में भी गंभीरता से प्रयास किया जाना चाहिए। 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी छत्तीसगढ़ को मिले, इसके लिए शासन स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि यदि नेशनल गेम्स छत्तीसगढ़ को मिलते हैं तो आयोजन को बस्तर से जोड़ने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा सकता है।
CM के मुताबिक, इससे बस्तर की बदलती तस्वीर देश-दुनिया के सामने रखने के साथ क्षेत्र के युवाओं को भी नई प्रेरणा मिलेगी।
वनांचल में तीरंदाजी के साथ मलखम्ब की भी बड़ी संभावना
वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के वनांचलों में तीरंदाजी जीवन और संस्कृति का हिस्सा रही है। बस्तर के जनजातीय युवा मलखम्ब में भी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें व्यक्तिगत और सामूहिक खेलों में विशेष प्रशिक्षण देने की जरूरत है।
सांसद विजय बघेल ने भी खेल अलंकरण की पुनः शुरुआत और खिलाड़ियों को शासकीय सेवा में अवसर देने जैसे फैसलों का स्वागत किया।
दूसरे जिलों में भी बनेंगे जिला ओलंपिक संघ
बैठक में छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव डॉ. विक्रम सिसोदिया ने संघ की पिछली बैठक का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। खेल गतिविधियों, नेशनल गेम्स, ओलंपिक दिवस और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई।
प्रदेश के मौजूदा जिला ओलंपिक संघों के अलावा अन्य जिलों में भी जिला ओलंपिक संघ गठित करने के लिए समिति बनाने पर सहमति बनी।
CM साय का संदेश साफ—खेल में अब गांव से लेकर इंटरनेशनल मंच तक मौका
छत्तीसगढ़ सरकार की मौजूदा रणनीति से साफ है कि फोकस सिर्फ खेल आयोजन कराने पर नहीं, बल्कि प्रतिभा खोजने से लेकर प्रशिक्षण, इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्थिक सहायता और बड़े राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी तक एक पूरा खेल इकोसिस्टम तैयार करने पर है। रायपुर और जशपुर की आर्चरी अकादमी, बस्तर-सरगुजा ओलंपिक, खेल उत्कर्ष मिशन और 40वें नेशनल गेम्स की मेजबानी की तैयारी—इन सभी पहलों को जोड़कर देखा जाए तो छत्त
